सत्ता और सौंदर्य का स्टील वाला मुखौटा

वरिष्ठ कला समीक्षक/ कला इतिहासकार एवं आर्ट क्यूरेटर ने अपने हालिया फेसबुक पोस्ट में मेट्रोपोलिटन म्यूजियम ऑफ़ आर्ट के हालिया कार्यक्रम जिसमें अनन्या बिरला ने …

ग्लोबल साउथ : शेयर्ड हिस्ट्री – 5

पिछले दिनों बिहार म्यूजियम बिनाले के तहत आयोजित प्रदर्शनी पर वरिष्ठ कला समीक्षक अनीश अंकुर की धारावाहिक समीक्षा की अगली कड़ी I प्रस्तुत है आलेखन …

“छापा में जीवन की प्रतिध्वनि”

मनोहर लाल भुंगरा की रेट्रोस्पेक्टिव प्रदर्शनी : छापाकला की संवेदनात्मक यात्रा। लखनऊ, 6 मई 2026, भारतीय समकालीन कला के परिदृश्य में छापाकला (प्रिंटमेकिंग) एक सशक्त, …

“चित्र से परिधान तक : सौंदर्य का वर्गीय रूपांतरण”

कला लेखक/ कला इतिहासकार और क्यूरेटर जोनी एमएल के फेसबुक पोस्ट का हिंदी अनुवाद प्रस्तुत है आलेखन डॉट इन के पाठकों के लिए I राजा …

मौन की भाषा में बोलता कलाकार

6 मई 2026 से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कोकोरो आर्ट गैलरी में प्रदेश के वरिष्ठ छापाकलाकार मनोहर लाल भूगरा के छापाचित्रों की प्रदर्शनी …

प्रतीक, सत्ता और शून्य : बैंक्सी का सौंदर्यशास्त्रीय प्रतिरोध

बैंक्सी की नव स्थापित प्रतिमा इन दिनों खास चर्चा में है I इस प्रतिमा ने जहाँ अंध राष्ट्रवाद और उसके परिणामों पर जोरदार  बहस छेड़ …

समाधि, स्तूप और पिरामिड : एक तुलनात्मक सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य

अपने अनुभवजन्य विवरण के आधार पर कह सकता हूँ कि मृत्यु के बाद मनुष्य के अवशेषों के साथ हमारा व्यवहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि …

विश्व पुस्तक दिवस : 23 अप्रैल

भोपाल निवासी डॉ. शिवा श्रीवास्तव एक सक्रिय लेखिका, संपादक और वैचारिक हस्ताक्षर हैं। साहित्य और सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई …