लखनऊ, 8 अगस्त 2026। लखनऊ पब्लिक स्कूल, आनंद नगर शाखा में एस्थेटिक एंड कल्चरल डेवलपमेंट प्रोग्राम 2026–27 के अंतर्गत प्रख्यात भारतीय कलाकार मंजीत बावा (1941–2008) …
कला में ग्राम्यता चिन्तनीय है। कला में अश्लीलता नासमझ आलोचकों का भ्रम है। ग्राम्यता सूक्ष्मातिसूक्ष्म रूप में किसी कलाकृति में अनिवार्य है। शैली की पूर्णता …