जातक कथाएं विश्व साहित्य की उद्गमस्थली : प्रो. सदानंद शाही

आचार्य हरिहरनिवास द्विवेदी स्मृति व्याख्यान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विद्वान का वक्तव्य ग्वालियर, 29 मई। गौतम बुद्ध के विभिन्न जनमों के वृत्तांत पर आधारित …

“मिट्टी से सृजन तक : संवेदना, संस्कृति और जीवन-दृष्टि का जीवंत विस्तार”

सौंदर्य एवं सांस्कृतिक विकास कार्यक्रम 2026–27 के अंतर्गत राकु एवं टेराकोटा पॉटरी कार्यशाला का समापन समारोह लखनऊ, 29 मई, 2026 I फ्लोरसेंस आर्ट गैलरी और …

उनाकोटि : शिलाओं के बीच अनन्त मौन का अद्भुत शिखर

संस्मरणात्मक यात्रा-वृत्तांत कुछ यात्राएँ केवल स्थानों तक नहीं ले जातीं, वे भीतर के किसी अनजाने प्रदेश का द्वार खोल देती हैं। उनाकोटि की यात्रा मेरे …

“कला, संवेदना और समर्पण के प्रतीक थे राजीव मिश्र”

वाश चित्रकार राजीव मिश्र की प्रथम पुण्यस्मृति पर कला प्रदर्शनी एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन प्रदेश के कला और कलाकारों के संवर्धन हेतु दस्तावेजीकरण पर …

विंस्टन चर्चिल : युद्ध, राजनीति और चित्रकला

“चित्रकार सुखी होते हैं, क्योंकि वे कभी अकेले नहीं रहते।प्रकाश और रंग, शांति और आशा अंत तक उनका साथ निभाते हैं।” ये कथन है विंस्टन …

संघर्ष की रेखाओं से सृजन के रंग तक : शीला शर्मा 

कलाकार शीला शर्मा से अपनी पहली मुलाकात लगभग एक दशक पहले ललित कला अकादेमी,दिल्ली के लखनऊ केंद्र में हुआ था I उस दौरान शीला वहां …

भारतीय कला बाज़ार में लोक एवं आधुनिक कला

भारतीय कला बाज़ार के वास्तविक आकार, संरचना और हिस्सेदारी को लेकर आज भी स्पष्ट और समग्र आँकड़ों का अभाव दिखाई देता है। विशेषतः आधुनिक कला …

एआई कला की नैतिकता : आयोनेला बारा के लेख पर आधारित

आयोनेला बारा ज़्यूरिख़ की सोशल ब्रेन साइंसेज़ लैबोरेटरी में पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता और लेक्चरर हैं। वे सौंदर्य-बोध के संज्ञानात्मक और तंत्रिका-संबंधी आधारों का अध्ययन करती हैं, …

भारतीय कला का ताजिकिस्तान संवाद

वैश्विक कला बाज़ार में भारत की उपस्थिति अभी भी अपेक्षाकृत सीमित मानी जाती है। एशियाई कला परिदृश्य में जहाँ चीन ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज …

शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी प्रयोग की जरूरत : राजगोपाल पी. वी.

कला जीवन का अभिन्न अंग है I इस बात से किसी को इनकार नहीं है I किन्तु देखा जाता है कि हमारे गाँव-कस्बों में अभी …