बात Forgotten Foundations: Local Art Traditions and the Unequal Landscape of Contemporary Indian Art If we take a close look at the current landscape of Indian art, it becomes evident that three distinct artistic traditions coexist. One of these …
बात ऋषि-परंपरा से राष्ट्रग्रंथ तक: भारतीय संविधान की कलात्मक आत्मा Posted onMarch 30, 2026March 30, 2026 डॉ. अन्नपूर्णा शुक्ला समकालीन भारतीय कला जगत की एक प्रतिष्ठित वरिष्ठ चित्रकार हैं, जिन्होंने न केवल अपने चित्रों के माध्यम से बल्कि अपनी लेखनी द्वारा …
बात स्मृतियों का आलोक : नन्द किशोर खन्ना को श्रद्धांजलि Posted onMarch 28, 2026March 28, 2026 21 मार्च 2026 को वरिष्ठ कलाकार, कला समीक्षक एवं शिक्षाविद् नन्द किशोर खन्ना जी की 9वीं पुण्यतिथि एक गहन स्मृति और आत्मीय श्रद्धांजलि का अवसर …
कला दीर्घा मुगल मिनिएचर्स और यूरोपियन रियलिज्म दोनों से अलग है पटना कलम Posted onMarch 26, 2026March 26, 2026 पटना म्यूजियम में पिछले दिनों प्रदर्शित हुयी “पटना कलम” के चित्रों की प्रदर्शनी कला इतिहास की एक महत्वपूर्ण परिघटना को सामने लाने की सार्थक कोशिश …
समाचार रेखा, रंग और प्रतिरोध : बीरेश्वर भट्टाचार्य को नमन Posted onMarch 25, 2026March 25, 2026 श्रद्धांजलि : स्मृतिशेष 22 मार्च दिन रविवार की वह शाम जैसे समय के कैनवास पर अचानक गहरे स्याह रंग की तरह उतर आई। कला समीक्षक …
समाचार कलागुरु बीरेश्वर भट्टाचार्य की स्मृति में कला चर्चा एवं शबीह चित्रण Posted onMarch 23, 2026March 23, 2026 कलागुरु प्रो.बीरेश्वर भट्टाचार्य के सम्मान में दिनांक 23 एवं 24 मार्च के दो दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थी I सभी उत्साहित …
समकालीन कलाकार दीवारों से दीर्घा तक : स्टेंसिल, स्मृति और राजनीति का पुनर्पाठ Posted onMarch 21, 2026March 21, 2026 पिछली सदी के सत्तर के दशक की स्मृतियों में लौटें तो चुनाव प्रचार का एक विशिष्ट दृश्य सामने आता है, जब टीन की चादरों पर …
पुरातत्व अफगानिस्तान में मिला हज़ार वर्ष पुराना बौद्ध मठ, पुस्तकालय और कक्ष भी Posted onMarch 21, 2026March 21, 2026 अफगानिस्तान के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में हाल ही में एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज सामने आई है। प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, यहाँ लगभग एक हज़ार वर्ष …
लोककला टिकुली पेंटिंग : परंपरा से आधुनिक कला तक की रचनात्मक यात्रा Posted onMarch 18, 2026March 18, 2026 बिहार में प्रचलित टिकुली पेंटिंग एक ऐसी विशिष्ट लोक–कला परंपरा है, जिसकी जड़ें भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में गहराई तक समाई हुई हैं। इसका संबंध केवल …
समकालीन कलाकार युद्ध और उन्माद के साये में मनुष्यता की पुकार Posted onMarch 17, 2026March 17, 2026 प्रो. वी. नागदास की पहचान एक कलागुरु के साथ-साथ वरिष्ठ चित्रकार और छापा कलाकार की है I शायद यही कारण रहा कि ललित कला अकादेमी …