टिकुली पेंटिंग : धार्मिक बिंबों से आच्छादित प्रदर्शनी

टिकुली पेंटिंग की ऐतिहासिक प्रदर्शनी–3 अनीश अंकुर बिहार के वरिष्ठ कला समीक्षक, रंगकर्मी, सांस्कृतिक चिंतक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े सक्रिय हस्ताक्षर हैं। दृश्य कला, …

“समरूप रेखाएं” में याद की गयीं गोदावरी दत्त

मिथिला चित्रकला में योगदान पर हुई चर्चा लोककलाओं को समकालीन प्रवृतियों में देखने की कोशिश “पद्मश्री गोदावरी दत्त की कला किसी भी समकालीन कलाकार की …

Global Educulture Conclave 2026: शिक्षा और संस्कृति के साझा विमर्श से मानव भविष्य की नई वैचारिक यात्रा का शुभारंभ

“Educulture राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मूल आत्मा से जुड़ा विचार है” : डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ “यह आने वाले समय का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अभियान …

आनंद कुमारस्वामी : कला, लोक और भारतीयता के सनातन प्रवाह के दार्शनिक

149वीं जयंती पर विशेष स्मरण 22 अगस्त 2026 को भारतीय कला-दर्शन के अप्रतिम व्याख्याकार, महान कला इतिहासकार और सांस्कृतिक मनीषी डॉ. आनंद केंटिश मुथु कुमारस्वामी …

क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बदल जायेगा ललित कला का पाठ्यक्रम?

आज कला-शिक्षा एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ा है जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल कलाकार के हाथ में आया नया उपकरण मात्र नहीं रह गया है, …

“लेंस में लखनऊ: मेट्रो बनी शहर की जीवंत तस्वीर”

लखनऊ, 19 अगस्त 2026। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर लखनऊ मेट्रो में विशेष फोटोग्राफी प्रदर्शनी एवं मेट्रो ट्रेन के भीतर फोटोवॉक का आयोजन किया …

औपनिवेशिक छाया से आधुनिक चेतना तक भारतीय उपमहाद्वीप की कला

20वीं सदी का पूर्वाध दक्षिण एशियाई कला इतिहास में एक युगांतरकारी मोड़ लेकर आया। औपनिवेशिक साम्राज्यवाद के पतन और नए राष्ट्रों के अभ्युदय के बीच, …