मंटो, ग़ालिब, दोजखनामा और कला-साहित्य की साझी दुनिया

गुड़गाँव,20 जून I शैलजा आर्ट गैलरी,गुडगाँव में आयोजित एक विशेष साहित्यिक-सांस्कृतिक संवाद कार्यक्रम में बांग्ला के चर्चित उपन्यास दोजखनामा के कुछ चयनित अंशों का पाठ …

चित्तप्रसाद के चित्रों में प्रेम की अनुगूँज

यह आलेख विशेष रूप से चित्रकार चित्त प्रसाद भट्टाचार्य की जयन्ती के अवसर पर प्रस्तुत है। यद्यपि उनकी जन्मतिथि को लेकर लंबे समय तक भ्रम …

भारतीय कला में नग्नता, नैतिकता और सांस्कृतिक स्मृति

अश्लीलता, कला और “डांसिंग गर्ल” : एक प्राचीन प्रतिमा पर समकालीन विवाद “अश्लीलता देखने वाले की आँखों में होती है”—यह कथन जितना पुराना है, उतना …

मौजूदा सांस्कृतिक परिदृश्य: खेमों में बंटता समाज और संवाद की घटती संस्कृति

“कला का भविष्य अलग-अलग खेमों में बँटे कलाकारों में नहीं, बल्कि संवाद और सहभागिता की संस्कृति में निहित है। यदि हम अपने नगरों में ऐसे …

कालीघाट पटचित्र कार्यशाला संपन्न

लखनऊ, 14 जून 2026। राजधानी लखनऊ स्थित कोकोरो आर्ट गैलरी में आयोजित दो दिवसीय बंगाल कालीघाट पटचित्र कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला का संचालन …

शाहिद सुहरावर्दी : भारतीय आधुनिक कला के विस्मृत सिद्धांतकार

भारतीय आधुनिक कला के इतिहास में कुछ ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं जिनका योगदान कलाकारों से कम नहीं था, किंतु इतिहास लेखन ने उन्हें अपेक्षित स्थान …

कालीघाट पटचित्र : बंगाल की जीवंत लोकचित्र परंपरा का लखनऊ में प्रदर्शन

लखनऊ, 12 जून 2026। भारतीय लोक एवं पारंपरिक कला की समृद्ध विरासत को जनसामान्य और नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से लखनऊ स्थित कोकोरो …

नकली कलाकृतियों की पहचान अब नामुमकिन नहीं

कला बाज़ार में किसी कलाकृति की प्रामाणिकता सिद्ध करना आज पहले से कहीं अधिक जटिल चुनौती बन गया है। नकली कलाकृतियों का कारोबार इतना परिष्कृत …