फ्रांसिस न्यूटन सूजा – विरूपण, नग्नता और गहनता का चित्रकार

अनीश अंकुर यूं तो पटना के कला एवं सांस्कृतिक जगत में अपनी विशेष पहचान रखते हैं। आलेखन डॉट इन के सुधि पाठक इस बात से …

वस्त्रों और चित्रों के माध्यम से मानव भावनाओं में गहराई से उतरना : रचिता दत्ता

कला की दुनिया में ऐसे व्यक्ति हैं जिनके पास अपने काम के माध्यम से मानवीय भावनाओं और दिमाग की पेचीदगियों को पकड़ने की अनूठी क्षमता …

ए. रामचन्द्रन की कलाः आधुनिकतावाद को खारिज करती एक सौन्दर्य-दृष्टि

यह आम आदमी सुबोध गुप्ता के आम आदमी से एकदम भिन्न है। सुबोध का आदमी जहाँ अभिजात्य वर्ग के बीच एक गुलाम हिन्दुस्तानी की तरह …

पटना में छापा कला की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी : अंतिम भाग

अपने निर्माण के बाद से बिहार म्यूजियम,पटना ने अपनी कला विषयक गतिविधियों के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि उसका लक्ष्य वैश्विक कला गतिविधियों …

अमेज़ॅन के जंगलों में मिले ढाई हजार वर्ष पुराने नगर

अकादमिक जर्नल साइंस में हालिया प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नई लेजर-मैपिंग तकनीक ने अमेज़ॅन वर्षावन में परस्पर जुड़े शहरों की एक श्रृंखला के होने …

प्रख्यात वाश चित्रकार श्री राजेंद्र प्रसाद के 65 वें जन्मदिन पर विशेष

वर्तमान में लखनऊ में रहते हुए भारतीय कला जगत में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। राजेन्द्र प्रसाद का आधुनिक कला जगत में एक महत्वपूर्ण स्थान …

मृत्युलेख क्या लेखक का अपना मृत्युलेख बन जाता है?

कलाकार के. पी. वलसाराज नहीं रहे। क्या यह एक मृत्युलेख है जिसे मैं लिखने जा रहा हूँ? क्या मैं उन्हें इतना जानता हूं कि उनके …