जहाँ बौना कद संयमित शक्ति का प्रतीक है

अशोक भौमिक की “लिमिनल लाइन्स” शीर्षक रेट्रोस्पेक्टिव प्रदर्शनी 5 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक के लिए बीकानेर हाउस के सीसीए गैलरी में आयोजित की गयी …

समकालीन भारतीय चित्रकला के सशक्त हस्ताक्षर हैं अजीत वर्मा

 अजीत वर्मा समकालीन भारतीय चित्रकला जगत के उन सशक्त कलाकारों में से हैं, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहकर भी आधुनिक दृश्य-संवेदनाओं को साधा है। …

विजय मोहिते (1940-2002) : एक आत्मदीक्षित कलाकार का अमूर्त रचना संसार   

विजय मोहिते आत्म दीक्षित कलाकार थे। उन्होंने कला की विधिवत शिक्षा कहीं से ग्रहण नहीं की थी। एक आत्म दीक्षित कलाकार में भी इतनी प्रवीणता, …

जन्मशती विशेष: तैयब मेहता की कला में विभाजन, प्रतीक और सौंदर्य का प्रतिरोध

भारतीय आधुनिक चित्रकला के अग्रगण्य कलाकारों में तैयब मेहता (Tyeb Mehta) का नाम विशेष महत्व रखता है। आज उनकी जन्मशती के अवसर पर, यह स्मरण …

बीरेश्वर भट्टाचार्य : सामाजिक सरोकार वाले कलाकार

25 जुलाई, जन्मदिन पर विशेष बीरेश्वर भट्टाचार्य (भट्टाचार्जी जी)  का आज जन्मदिन है वे आज 90 साल के हो गए हैं। हालाँकि उनसे कभी मिलने …

कलाकार अपने लहू से रचना करके मिट गए, पर समाज उन्हें जानता तक नहीं…

2025 : कलागुरु प्रो. रामचंद्र शुक्ल के जन्मशती वर्ष पर विशेष  लेखक: भूपेंद्र कुमार अस्थाना “कला में आनंद पाना सार्वजनिक नहीं है, इसमें आनंद उसी …

बीरेश्वर भट्टाचार्य: परंपरा, प्रयोग और प्रतिरोध की त्रयी में संलग्न एक कलाकार

“ कला एवं  शिल्प महाविद्यालय, पटना के कलागुरु बीरेश्वर भट्टाचार्य जी को चैटजीपीटी (chatgpt) जिस रूप में प्रस्तुत करता है, वह कुछ यूं है I …

क्या सुबोध गुप्ता खुद को दुहरा रहे हैं ? 

बिहार म्यूजियम, पटना में चल रही सुबोध गुप्ता की एकल प्रदर्शनी की विस्तृत रपट के इस पांचवे और अंतिम भाग में अनीश अंकुर जिन सवालों …