पूर्वोत्तर भारत की लोक चित्रकला

पूर्वोत्तर भारत की हस्तशिल्प और लोक चित्रकला अपनी सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति-निष्ठा के लिए प्रसिद्ध है। नागालैंड, मणिपुर, असम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश की जनजातियाँ …

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में “वैदेही सीता”   

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में इन दिनों “वैदेही सीता : बिहार की बेटी” शीर्षक प्रदर्शनी चल रही है I इस प्रदर्शनी और इससे जुड़े कार्यक्रम …

कोहबर : महज़ एक कला रूप ही नहीं नारीत्व और जीवन का उत्सव भी है

 परंपरा और रचनात्मकता का उत्सव: छात्रों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय कोहबर कला कार्यशाला का समापन । लखनऊ, 26 जुलाई I 22 से 26 जुलाई …

उत्तर प्रदेश के लोकचित्रों को पहचान अवश्य मिलनी चाहिए : कुमुद सिंह

कला के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को एक बेहतर कल के लिए तैयार करना है – नेहा सिंह नई पीढ़ी में कलात्मक संवेदनशीलता और सांस्कृतिक …

विलुप्त हो चुके जीवन की याद दिलाने वाली प्रदर्शनी    

 ‘फोकार्टोपीडिया’  ने पटना में किया लोककलाओं की तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन  देश के विभिन्न हिस्सों में  कला प्रदर्शनियों का आयोजन सामान्य चलन बन …

विमला आर्ट फोरम द्वारा लोक चित्र प्रदर्शनी और संवाद का आयोजन

विमला आर्ट फोरम, गुड़गाँव द्वारा 12 जुलाई 2025, शनिवार को कंचन कला दीर्घा में लोक चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। यह प्रदर्शनी 14 अगस्त …

उत्तर प्रदेश की लोककलाओं के दस्तावेजीकरण की पहल

• एफओएपी और फोकार्टोपीडिया के बीच हुआ समझौता। • लोककला का दस्तावेजीकरण और डिजिटाइजेशन प्राथमिकता। • बनेगी उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति की डिजटल लाइब्रेरी। …

कोई भी मंजिल नामुमकिन नहीं है : कपिलदेव प्रसाद

विभिन्न विवरणों और आन्तरिक सन्दर्भों से पता चलता है कि नालन्दा में बौद्ध काल से ही बावन बूटी की परम्परा रही है। प्राचीन बौद्ध साहित्य …