जेल सुधार के क्षेत्र में कला-आधारित कार्यक्रमों से लाभ मिलता है

भारत और अन्य एशियाई देशों में किए गए शोध और प्रायोगिक कार्यक्रम यह स्पष्ट करते हैं कि कला केवल मनोरंजन या समय बिताने का साधन …

‘मुठ्ठी से झरती रेत कहती है कि समय कम है..रोज रचो.. नया रचो’: सुदर्शन पटनायक

जयंत सिंह तोमर समकालीन भारतीय कला लेखन के उन संवेदनशील नामों में से हैं जिन्होंने कला को केवल दृश्य अनुभव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद और …

लोक चित्रकला : औपनिवेशिक सौंदर्यबोध, शहरी आधुनिकतावाद और हमारी सांस्कृतिक विस्मृति

भारतीय प्राचीन लोक एवं शास्त्रीय कला परंपरा अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण रही है। हम जानते हैं कि लोक कला जहाँ समुदायों की सामूहिक स्मृति, जीवन …

क्या रामकुमार आध्यात्मिक चित्रकार थे?

हिंदी के सुप्रसिद्ध कथाकार और चित्रकार रामकुमार क्या आध्यात्मिक चित्रकार थे ? आमतौर पर उन्हें उनके अद्भुत लैंडस्केप और अमूर्तन चित्रों के लिए जाना जाता …

असीम लोक 

सीरज सक्सेना एक बहुमुखी भारतीय कलाकार हैं—चित्रकार, सेरामिक कलाकार और लेखक। उनकी रचनात्मक यात्रा रेखा, बनावट और रूप की संवेदनशील खोज से संचालित होती है। …

सामाजिक सरोकारों के शिल्पकार : शिव बालक

कला केवल दृश्य-सौंदर्य प्रस्तुत करने का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह समाज के अंतर्विरोधों और मानवीय संवेदनाओं को उजागर करने का एक शक्तिशाली साधन भी …

बद्री विशाल पित्ती, राम मनोहर लोहिया और मकबूल फ़िदा हुसैन : कला, राजनीति और समाज का त्रिकोण

आज सुबह भाई बलवंत भदौरिया जी से बातचीत हो रही थी I जाहिर है बातचीत के क्रम में उनकी हालिया कला गतिविधियों का ज़िक्र हो …