भारतीय कला आलोचना का इतिहास एक जटिल, बहुआयामी और विचारशील यात्रा है, जो शास्त्रीय युग की सूक्ष्म सौंदर्य दृष्टियों से लेकर समकालीन समाज-सांस्कृतिक विमर्शों तक …
अंग्रेजी में प्रकाशित होनेवाली कला पत्रिका “क्रिएटिव माइंड” के प्रबंध संपादक मनोज त्रिपाठी ने वरिष्ठ कला समीक्षक, कला इतिहासकार और क्यूरेटर, जोनी एमएल से बातचीत …