विचार कलाप्रेमियों के सामने कला सृजन : एक विचार Posted onSeptember 15, 2023September 15, 2023 फ़ोयर की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर खड़े होकर मैंने उन युवाओं को देखा जो लाउंज में वरिष्ठ कलाकार द्वारा चित्र रचना शुरू करने की …
जय सर की कलम से मक़बूल फ़िदा हुसैन (17 सितम्बर 1915 – 9 जून 2011 ) Posted onJune 9, 2023June 9, 2023 आज मकबूल फिदा हुसैन साहब की पुण्यतिथि पर उनका स्मरण करते हुये एक घटना याद आ रही है लखनऊ : सन् 1964 जब हुसैन साहब …
जय सर की कलम से श्रद्धांजलि : फ्रांसुआ ज़ीलो (Françoise Gilot ) Posted onJune 8, 2023June 8, 2023 फ्रांसुआ जीलो (26 नवंबर 1921 – 6 जून 2023) एक फ्रांसीसी चित्रकार थीं। उनके निधन पर प्रस्तुत है श्रद्धांजलि स्वरुप आदरणीय जयकृष्ण अग्रवाल का यह …
जय सर की कलम से कलागुरु मदन लाल नागर : एक संस्मरण Posted onJune 5, 2023June 5, 2023 आचार्य मदनलाल नागर जी की जन्मशती के अवसर पर, प्रस्तुत है उनके शिष्य एवं सहकर्मी रहे प्रो. जयकृष्ण अग्रवाल सर की कलम से … उत्तर …
जय सर की कलम से ‘चित्तप्रसाद और उनकी चित्रकला’ Posted onMay 20, 2023May 20, 2023 जयकृष्ण अग्रवाल सर की पहचान एक कलाविद, भूतपूर्व प्राचार्य, छायाकार एवं देश के शुरुआती और शीर्षस्थ प्रिंटमेकर वाली है। किन्तु जितनी बार भी उनसे मिला, …
जय सर की कलम से कोरे कैनवास पर उतरता कलाकार का संघर्ष… Posted onMarch 17, 2023March 17, 2023 वरिष्ठ चित्रकार रागिनी उपाध्याय ग्रेला की रेट्रोस्पेक्टिव प्रदर्शनी इन दिनों सिद्धार्थ आर्ट गैलरी, नेपाल आर्ट काउंसिल, काठमांडू में चल रही है। 8 मार्च से आरम्भ …
विचार अंकिता के बहाने-विद्यार्थियों के लिए…. Posted onMarch 13, 2023March 13, 2023 चित्रकार डॉ. कृष्णा महावर ने अपनी कला शिक्षा में एम.ए की डिग्री वर्ष 2000 में एम. डी. एस. यूनिवर्सिटी, अजमेर से स्वर्ण पदक के साथ …
जय सर की कलम से कागज़ की कतरनों का शहर … Posted onJanuary 16, 2023January 16, 2023 कलागुरु आचार्य मदनलाल नागर का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। किन्तु दुर्भाग्य से राज्य ललित कला अकादेमी, लखनऊ द्वारा इसे विधिवत मनाने का कोई प्रयास …
विचार सार्थक उद्देश्य को लेकर की जाने वाली रचनात्मक यात्राओं का अंतिम गंतव्य कहां होता है? Posted onNovember 22, 2022November 22, 2022 आयोजन और प्रयोजन दो अलग अलग संज्ञाएं हैं जिनकी प्रकृति एक दूसरे से पूरी तरह भिन्न है । आयोजन में जहां अनुष्ठान,जगमग और प्रदर्शन होता …
जय सर की कलम से चाचा मुहम्मद अली: मेरे प्रशिक्षण काल की स्मृतियां 1957-62. Posted onSeptember 20, 2022September 20, 2022 किसी संस्थान का महत्व केवल उसके भवन और साजो सामान से निर्धारित नहीं किया जा सकता है। वास्तव में उसमें प्राण तो उससे जुड़े लोग …