साक्षात्कार कलाकार के लिए जरूरी है वैचारिक संघर्ष: कृष्ण खन्ना Posted onOctober 21, 2020October 26, 2020 जीवन के 90 बसंत देख चुके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिलब्ध चित्रकार कृष्ण खन्ना आज एक साथ कई भूमिकाओं में अति-सक्रिय हैं। ऐसे में उन्हें सिर्फ …
राकेश श्रीमाल की कलम से मुंबई : काला घोड़ा और कला के सवार Posted onOctober 19, 2020October 26, 2020 कला के अन्तर्सम्बन्ध से तो हम सभी कमोबेश वाकिफ हैं I लेकिन प्रायः देखा गया है कि हमारे बीच कम ही ऐसे लोग हैं जो …
शहंशाह हुसैन की कलम से मुहम्मद मजीद मंसूरी की चाक्षुष अभिव्यंजना Posted onOctober 17, 2020October 26, 2020 अगर आप लखनऊ के कला जगत से परिचित हैं, तो निःसंदेह आप शहंशाह हुसैन यानि अपने हुसैन साहब को जरूर जानते होंगे। क्योंकि हुसैन साहब …
अजितानन्द की कलम से विजय सिंह : मूर्त-अमूर्त और अध्यात्म का समीकरण Posted onOctober 15, 2020October 26, 2020 अपने अजित दूबे जी की विशेष पहचान यूँ तो एक छापा कलाकार व प्राध्यापक की रही है, किन्तु यहाँ वे उपस्थित हैं अजितानन्द के रूप …