अपराजितपृच्छा में ललित कला की अवधारणा

भारतीय कला परंपरा में ‘अपराजितपृच्छा’ एक विशिष्ट स्थान रखती है। यह एक संस्कृत ग्रंथ है, जिसे सोलहवीं शताब्दी में गुजरात के सोलंकी शासक सिद्धराज जयसिंह …