कला इतिहास राजधानी के कोलाहल में कला का शांत द्वीप : लखनऊ कला महाविद्यालय Posted onJanuary 31, 2026January 31, 2026 लखनऊ कला महाविद्यालय का इतिहास अत्यंत स्वर्णिम, समृद्ध और गौरवपूर्ण रहा है। यहाँ का वातावरण केवल कलात्मक ही नहीं, बल्कि आत्मा को स्पर्श करने वाला …
कला इतिहास समकालीन कला क्या है? Posted onJanuary 19, 2026January 19, 2026 सिर्फ सामान्य जन ही नहीं अक्सर कलाकार समुदाय भी आधुनिक कला और समकालीन कला को एक दुसरे का पर्याय मान लेते हैं I किन्तु वास्तव …
समकालीन कलाकार जन्मशती विशेष: तैयब मेहता की कला में विभाजन, प्रतीक और सौंदर्य का प्रतिरोध Posted onJuly 26, 2025July 26, 2025 भारतीय आधुनिक चित्रकला के अग्रगण्य कलाकारों में तैयब मेहता (Tyeb Mehta) का नाम विशेष महत्व रखता है। आज उनकी जन्मशती के अवसर पर, यह स्मरण …
बात स्मृतियों के बहाने : प्रो. दिनकर कौशिक Posted onJuly 19, 2025July 19, 2025 लखनऊ स्थित कला एवं शिल्प महाविद्यालय एक ऐसा महान कला संस्थान रहा है जहां एक से बढ़कर एक दिग्गज कलाकारों का अन्य प्रदेशों से आगमन …
कला इतिहास हर्बर्ट रीड की दृष्टि से हेनरी मूर की मूर्तिकला Posted onJuly 18, 2025July 18, 2025 कलाकार और कला समीक्षक के बीच संबंध अक्सर रचनात्मक संवाद और सौंदर्यशास्त्रीय मार्गदर्शन का माध्यम बनते हैं। इस संदर्भ में यदि किसी जोड़ी का नाम …
बातें किताबों की वेज़ ऑफ़ सीइंग: जॉन बर्जर की कलानुभूति Posted onJuly 17, 2025July 17, 2025 “Ways of Seeing” (जॉन बर्जर द्वारा, प्रथम प्रकाशन – 1972) एक अत्यंत प्रभावशाली कृति है, जिसकी शुरुआत BBC की एक टेलीविज़न शृंखला के रूप में …
बात चित्रकला के मौन साधक: रामचंद्र शुक्ल Posted onJuly 17, 2025July 17, 2025 भारतीय समकालीन चित्रकला के परिदृश्य में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो बिना किसी आडंबर या प्रचार के अपनी विशिष्ट छाप छोड़ते हैं। रामचंद्र शुक्ल …
विचार भारतीय कला आलोचना: परंपरा, संक्रमण और समकालीन विमर्श Posted onJuly 11, 2025July 11, 2025 भारतीय कला आलोचना का इतिहास एक जटिल, बहुआयामी और विचारशील यात्रा है, जो शास्त्रीय युग की सूक्ष्म सौंदर्य दृष्टियों से लेकर समकालीन समाज-सांस्कृतिक विमर्शों तक …
कला इतिहास पोस्ट-मॉडर्न की धारणा: क्लेमेंट ग्रीनबर्ग की दृष्टि में Posted onJuly 10, 2025July 10, 2025 क्लेमेंट ग्रीनबर्ग 20वीं शताब्दी के एक प्रभावशाली कला समीक्षक थे। उन्होंने आधुनिक कला (Modern Art) को समझने और उसकी सीमाओं को तय करने में महत्वपूर्ण …
बातें किताबों की पुस्तकें पढ़कर पूरी करनी चाहिए या नहीं – मेरी पहली सीख Posted onJuly 9, 2025July 9, 2025 पुस्तकों को पढ़कर पूरी करनी चाहिए या नहीं – इस प्रश्न पर मेरी पहली सीख मुझे एम. कृष्णन नायर से मिली थी। वे एक ऐसे …