लखनऊ में राकू फायरिंग वर्कशॉप : परंपरा और समकालीन प्रयोग का रचनात्मक संगम

कलाकारों द्वारा स्थापित किए जा रहे स्टूडियो पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संकेत – भूपेंद्र कुमार अस्थाना लखनऊ, 5 जनवरी I समकालीन भारतीय कला …

प्रकृति के मौन से जन्मी कला: रमेश आनंद का सृजन

वरिष्ठ चित्रकार रमेश आनंद को श्रद्धांजलि सोमवार की सुबह यह समाचार कला-जगत को गहरे तक व्यथित कर गया कि वरिष्ठ चित्रकार रमेश आनंद अब हमारे …

प्रो. सुखवीर सिंघल: भारतीय वाश कला चेतना के अमर शिल्पी

लखनऊ, 29 नवम्बर 2025। भारतीय वॉश पेंटिंग परंपरा को प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले स्वर्गीय प्रो. सुखवीर सिंघल की 19वीं पुण्यतिथि कैसरबाग स्थित उनके …

बाल दिवस पर बच्चों ने संवेदनाओं का रंगपर्व रचा

 लखनऊ स्पेक्ट्रम आर्ट फेयर का कलात्मक परिदृश्य लखनऊ, 14 नवम्बर 2025। फ्लोरसेंस आर्ट गैलरी द्वारा फीनिक्स प्लासियो में आयोजित लखनऊ स्पेक्ट्रम–2025 आर्ट फेयर ने बाल …

“लखनऊ स्पेक्ट्रम 2025: विविधता और संवेदना का उत्सव”

लखनऊ, 1 नवम्बर 2025: भारत की सांस्कृतिक राजधानी लखनऊ, जहाँ तहज़ीब और रचनात्मकता की परंपरा आज भी जीवंत है, वहीं फीनिक्स पलासियो के साउथ एट्रियम …

कला में निवेश: संस्कृति और संपन्नता का संगम

“लखनऊ स्पेक्ट्रम 2025 आर्ट फेयर” : जहाँ कला, संस्कृति और निवेश मिलकर रचेंगे एक समृद्ध भविष्य कला केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानव सभ्यता …

रंगों की पारदर्शिता में जीवन और अध्यात्म : राजेंद्र प्रसाद की कृतियाँ

भारतीय कला इतिहास में बंगाल का पुनर्जागरण एक विशेषअध्याय है I दरअसल भारतीय कला इतिहास का यह एक ऐसा महत्वपूर्ण मोड़ था, जहाँ अवनींद्रनाथ ठाकुर, …

“रंगों और संस्कृति का संगम”

फ्लोरेसेंस आर्ट गैलरी द्वारा सौंदर्यबोध और सांस्कृतिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यशालाओं की शुरुआत। टाई एंड डाई की पारंपरिक विधियाँ सिखाने पर केंद्रित पांच दिवसीय …