“रचनात्मक माहौल बच्चों की प्रतिभा को देता है नई दिशा” : जय कृष्ण अग्रवाल

लखनऊ, 13 मार्च 2026। एस्थेटिक एंड कल्चरल डेवलपमेंट प्रोग्राम 2025–26 के अंतर्गत लखनऊ पब्लिक वर्ल्ड स्कूल, डीएलएफ ब्रांच और फ्लोरोसेंस आर्ट गैलरी के सहयोग से …

“प्रकृति में प्रकट गजानन : आस्था, आकृति और अनुभूति ”

लखनऊ, 18 फ़रवरी 2026। इन दिनों लखनऊ की कला स्रोत आर्ट गैलरी में छायाकार पुनीत कात्यायन की ‘गजानन’ प्रदर्शनी आयोजित की गई है, जिसमें गजानन …

क्योंकि जब कला संवाद करती है, तभी वह जीवित रहती है

संवादहीनता: वर्तमान समय में कला जगत का सबसे बड़ा रोग समकालीन कला-जगत आज एक गहरे विरोधाभास से गुजर रहा है। बाहरी तौर पर यह संसार …

परंपरा और समयबोध के बीच : लोक व जनजातीय कला की समकालीन पहचान

“लोक और जनजातीय कलाएँ भी समकालीन कला हो सकती हैं, लेकिन इसे समझने के लिए “समकालीन” शब्द का अर्थ समझना ज़रूरी है। समकालीन कला का …

प्रो. राम जैसवाल (1935–2026): कला और साहित्य के सेतु पुरुष को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

बुधवार की शाम एक दुखद समाचार से मन स्तब्ध हो गया। लखनऊ कला एवं शिल्प महाविद्यालय के पूर्व छात्र, वरिष्ठ कलाकार, संवेदनशील शिक्षाविद एवं प्रेरणास्रोत …

लखनऊ में राकू फायरिंग वर्कशॉप : परंपरा और समकालीन प्रयोग का रचनात्मक संगम

कलाकारों द्वारा स्थापित किए जा रहे स्टूडियो पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संकेत – भूपेंद्र कुमार अस्थाना लखनऊ, 5 जनवरी I समकालीन भारतीय कला …

“पर्दे के पार : रंगमंच की साधना, शतक का उत्सव और दो पीढ़ियों का संवाद”

रंगमंच का शतक : अनिल रस्तोगी और मुस्कान गोस्वामी के साझा सृजन की ऐतिहासिक संधि पिछले दिनों लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी का …

अभिनेता अनिल रस्तोगी : रंगमंच पर नाटकों का शतक 

संवेदनाओं, अनुभवों और जीवन के रंगों का जीवंत चित्रण करने वाले कलाकार हैं अनिल रस्तोगी। शतक पूरा करना अपने-आप में एक बड़ी उपलब्धि है—चाहे वह …

सृजनशीलता, दृष्टि और तकनीकी कौशल से नए प्रतिमान स्थापित करने वाले राम सुतार

 शिल्प-यात्रा, कृतियाँ और अमर विरासत भारत के महान मूर्तिकार, पद्मश्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित राम वंजी सुतार के निधन से भारतीय कला जगत में …