सीरज सक्सेना एक बहुमुखी भारतीय कलाकार हैं—चित्रकार, सेरामिक कलाकार और लेखक। उनकी रचनात्मक यात्रा रेखा, बनावट और रूप की संवेदनशील खोज से संचालित होती है। …
मानवतावाद की प्राथमिकता के बिना राष्ट्रवाद या पंथवाद बेमानी है। मानवतावाद आज खतरे में है विघटनकारी शक्तियां हो रही है गोलबंद। संकीर्ण पंथों, वादों, समूहों …