उत्तर प्रदेश की छापा कला परंपरा : विरासत की निरंतरता

भूपेन्द्र कुमार अस्थाना समकालीन भारतीय कला जगत के एक सक्रिय और बहुआयामी युवा कलाकार हैं, जिनकी रचनात्मक उपस्थिति केवल चित्र सृजन तक सीमित नहीं है, …

स्मृतियों का आलोक : नन्द किशोर खन्ना को श्रद्धांजलि

21 मार्च 2026 को वरिष्ठ कलाकार, कला समीक्षक एवं शिक्षाविद् नन्द किशोर खन्ना जी की 9वीं पुण्यतिथि एक गहन स्मृति और आत्मीय श्रद्धांजलि का अवसर …

रेखा, रंग और प्रतिरोध : बीरेश्वर भट्टाचार्य को नमन

श्रद्धांजलि : स्मृतिशेष 22 मार्च दिन रविवार की वह शाम जैसे समय के कैनवास पर अचानक गहरे स्याह रंग की तरह उतर आई। कला समीक्षक …

कलागुरु बीरेश्वर भट्टाचार्य की स्मृति में कला चर्चा एवं शबीह चित्रण

कलागुरु  प्रो.बीरेश्वर भट्टाचार्य के सम्मान में दिनांक 23 एवं 24 मार्च के दो दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थी I सभी उत्साहित …

दीवारों से दीर्घा तक : स्टेंसिल, स्मृति और राजनीति का पुनर्पाठ

पिछली सदी के सत्तर के दशक की स्मृतियों में लौटें तो चुनाव प्रचार का एक विशिष्ट दृश्य सामने आता है, जब टीन की चादरों पर …

अनिरुल इस्लाम की “एथेरियल थ्रेशहोल्ड” यानी अलौकिक दहलीज

‘एथेरियल थ्रेशहोल्ड’ शीर्षक थोड़ा-सा भ्रामक है; यह हमें ‘दहलीज के उस पार’ की अस्पष्टता की ओर आमंत्रित करता है। जाहिर है इसमें कुछ अयथार्थ (irreal) …

नरेन्द्र और रीना की प्रदर्शनी मुम्बई स्थित साइमरोज़ा आर्ट गैलरी में

नरेंद्र पाल सिंह और रीना सिंह की एक शानदार युगल प्रदर्शनी “कलरफुल कैमराडरी” का उद्घाटन बुधवार 10 दिसंबर 2025 को शाम 6 बजे साइमरोज़ा आर्ट …

कला में निवेश: संस्कृति और संपन्नता का संगम

“लखनऊ स्पेक्ट्रम 2025 आर्ट फेयर” : जहाँ कला, संस्कृति और निवेश मिलकर रचेंगे एक समृद्ध भविष्य कला केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानव सभ्यता …

जहाँ बौना कद संयमित शक्ति का प्रतीक है

अशोक भौमिक की “लिमिनल लाइन्स” शीर्षक रेट्रोस्पेक्टिव प्रदर्शनी 5 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक के लिए बीकानेर हाउस के सीसीए गैलरी में आयोजित की गयी …