कला दीर्घा सोहराई कला : प्रकृति और संस्कृति का संगम है Posted onAugust 23, 2025August 23, 2025 पांच दिवसीय पारंपरिक आदिवासी सोहराई कला कार्यशाला का समापन कार्यशाला में निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी के साथ। लखनऊ, 23 अगस्त 2025 I भारत की आदिवासी …
लोककला कोहबर : महज़ एक कला रूप ही नहीं नारीत्व और जीवन का उत्सव भी है Posted onJuly 26, 2025July 26, 2025 परंपरा और रचनात्मकता का उत्सव: छात्रों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय कोहबर कला कार्यशाला का समापन । लखनऊ, 26 जुलाई I 22 से 26 जुलाई …
लोककला उत्तर प्रदेश के लोकचित्रों को पहचान अवश्य मिलनी चाहिए : कुमुद सिंह Posted onJuly 24, 2025July 24, 2025 कला के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को एक बेहतर कल के लिए तैयार करना है – नेहा सिंह नई पीढ़ी में कलात्मक संवेदनशीलता और सांस्कृतिक …
समाचार बिहार में प्रदर्शित होगी उत्तर प्रदेश के कलाकारों की भोजपुरी शैली की कलाकृतियाँ Posted onApril 11, 2025April 11, 2025 उत्तर प्रदेश की दो लोककलाकार कुमुद सिंह और वंदना श्रीवास्तव के दो-दो भोजपुरी शैली की कृतियाँ कार्यक्रम में भाग लेंगे भूपेंद्र अस्थाना, कुमुद सिंह और …
बातें किताबों की लोक कलाओं में लोक मंगल के भाव Posted onJanuary 27, 2021January 27, 2021 पी.राज.सिंह यानी पृथ्वीराज सिंह यूं तो अंग्रेजी के व्याख्याता रहे हैं। किन्तु भोजपुरी भाषा के विकास और लोक कलाओं व लोकाचारों के संरक्षण के भी …