‘बिहार की लोककलाओं को पहचान लम्बे संघर्ष से मिली है’

जयंत सिंह तोमर समकालीन भारतीय कला लेखन के उन संवेदनशील नामों में से हैं जिन्होंने कला को केवल दृश्य अनुभव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद और …

खिलजी का आक्रमण और पालकालीन चित्रकला का रूपांतरण

एक सवाल जो वर्षों से जेहन में है, आज उसकी चर्चा करना चाहूँगा I मगध की सांस्कृतिक विरासत बख्तियार खिलजी के हमले के बाद नष्ट …

‘कोहबर: रूट टू रूट्स’ : घर-आँगन से निकल बाजार की तलाश 

पिछले दिनों  15 से 17 नवंबर तक बिहार ललित कला अकादमी आर्ट गैलरी ( बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर ) में ‘कोहबर’ पर केंद्रित एक अनोखे समूह …

पद्मश्री कलाकारों का जीवन और सृजन-अंतिम भाग 

पद्मश्री से सम्मानित बिहार के कलाकारों  के जीवन और कला कर्म को संकलित करने का सफल प्रयास है बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार …

पद्मश्री कलाकारों का जीवन और सृजन-2

पद्मश्री से सम्मानित बिहार के कलाकारों  के जीवन और कला कर्म को संकलित करने का सफल प्रयास किया है बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक …

पुस्तक चर्चा : मिथिला चित्रकला का सिद्धांत

पिछले दिनों अपने हिमालय यात्रा से लौटते ही मिथिला लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति समर्पित युवा प्रतिभाशाली लेखक, संस्कृतिकर्मी और मेरे मित्र …

‘मिथिला चित्रकला का सिद्धांत’ पुस्तक का विमोचन

‘मिथिला चित्रकला का सिद्धांत’ पुस्तक मिथिला चित्रकला की मौलिकता को बचाने में मददगार साबित होगी : संजय कुमार झा,जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री, …