कलाकार अपने लहू से रचना करके मिट गए, पर समाज उन्हें जानता तक नहीं…

2025 : कलागुरु प्रो. रामचंद्र शुक्ल के जन्मशती वर्ष पर विशेष  लेखक: भूपेंद्र कुमार अस्थाना “कला में आनंद पाना सार्वजनिक नहीं है, इसमें आनंद उसी …

चित्रकला के मौन साधक: रामचंद्र शुक्ल

भारतीय समकालीन चित्रकला के परिदृश्य में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो बिना किसी आडंबर या प्रचार के अपनी विशिष्ट छाप छोड़ते हैं। रामचंद्र शुक्ल …