‘मुठ्ठी से झरती रेत कहती है कि समय कम है..रोज रचो.. नया रचो’: सुदर्शन पटनायक

जयंत सिंह तोमर समकालीन भारतीय कला लेखन के उन संवेदनशील नामों में से हैं जिन्होंने कला को केवल दृश्य अनुभव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद और …